1. हिंडोरे झूलत तन सुकुमार
हिंडोरे झूलत तन सुकुमार ।
पुलकि पुलकि राधे उर लागत, प्रीतम प्रान आधार ॥ [1]
भाइ बसन सजे मनसिज के, उर वर हार सुढार ।
सुख में झूलति कुँवरि लाड़िली, रमकत स्याम उदार ॥ [2]
जुगल सरूप अनूप विराजत, मनमथ भेद अपार ।
श्रीरसिक बिहारी की छवि निरखत, खरे कुंज के द्वार ॥ [3]
2. प्रीति न काहु की कानि बिचारै
प्रीति न काहु की कानि बिचारै ।
मारग अपमारग विथकित मन को अनुसरत निवारै ।। [1]
ज्यौं सरिता साँवन जल उमगत सनमुख सिंधु सिधारै ।
ज्यौं नादहि मन दियें कुरंगनि प्रगट पारधी मारै ।। [2]
(जै श्री) हित हरिवंश हिलग सारँग ज्यौं सलभ सरीरहि जारै ।
नाइक निपून नवल मोहन बिनु कौन अपनपौ हारै ।। [3]
3. सांवला सलोना मेरा कृष्ण कन्हाई
सांवला सलोना मेरा कृष्ण कन्हाई,
कुञ्ज गली में ढूंढें तुम्हे राधा प्यारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी…..
आँख मिचौली काहे खेले तू कान्हा,
पलके बिछाए बैठी तेरी राधा,
कास में तेरी बन जाती बंसुरिया,
अधरों से तेरे लग जाती में सांवरिया,
नैना निहारे पन्थ आओ मुरारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी…..
याद जो आये मोहे पल महारास के,
थिरके पायलिया मृदंग ताल पे,
जितनी गोपिया उतने गोविन्दा,
कण कण में हे जेसे भगवंता,
पल ना पड़े अब कान्हा पल पल भारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी……
बंशी बजा के मेरी निंदिया उड़ाई,
लाडला कन्हैया मेरा कृष्ण कन्हाई,
कुञ्ज गली में ढूंढें तुम्हे राधा प्यारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी……
4. सांची सांची कह दे रे बाबा
तर्ज – थारे वास्ते रे ढोला थारे वास्ते
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कोण लागे,
तू मेरो कोण लागे…….
गिर जाऊं पकड़ उठावे,
भटकूँ तो राह दिखावे,
घबराऊ दौड्यो आवे,
हिवड़े ने धीर बंधावे,
दोड़्यो आवे, भाग्यो आवे,
काम बणावे, पर नजर ना आवे,
पीछे पीछे चलूँ तू तो,
चले आगे आगे रे मेरे,
चले आगे, तू मेरो कोण लागे……
अटक्योड़ा काम बणावे,
खर्चो यो कोण चलावे,
मैं तो गानो नही जाणु,
किरपा है तेरी तू गवावे,
तू ही जाणे तेरी माया,
तन्ने वेद समझ नही पावे,
में क्या जाणु तू ही जाणे,
सुत्या भाग जागे रे म्हारा,
भाग जागे, तू मेरो कोण लागे……
रक्षा करे हरदम तू मेरी,
छोडूंगी ना चोखट तेरी,
सेवा तेरी करती रहु में,
अभिलाषा है ये श्याम मेरी,
उमा लहरी शरण तुम्हारी,
पत राखो हे कृष्ण मुरारी,
साँवरा सलोना मेरा तू,
रहियो सागे सागे मेरे,
रहियो सागे, तू मेरो कोण लागे………
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कौन लागे,
तू मेरो कोण लागे……
5. श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा
पितु मात स्वामी सखा हमारे
पितु मात स्वामी सखा हमारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी (आ आ आ)
हे नाथ नारायण वासुदेवा (आ आ आ)
बंदी गृह के, तुम अवतारी
कही जन्मे, कही पले मुरारी
किसी के जाये, किसी के कहाये
है अद्भुद, हर बात तिहारी
6. श्याम बिन सावन ना भावे
बुला रही राधा गुजरिया तू झूलन आजा सांवरिया…..
श्याम बिन सावन ना भावे,
तू आजा क्यों अब तड़पावे,
बुला रही राधा लिख चिठियां, तू झूलन आजा सांवरिया……..
सुहानी सावन रुत आई,
कैसी चल चल रही पुरवाई,
गगन में छा गई बदरिया, तू झूलन आजा सांवरिया……….
बोल रही कोयल दादुर मोर,
रुनझुन नाचत मन का मोर,
बजा दे प्यारी बांसुरिया, तू भूलन आजा सांवरिया………..
करूण तेरे सुन ले ओ बनवारी,
अरज करे तुमसे ब्रज नारी,
शरण में लेलो सांवरिया, तू झूलन आजा सांवरिया……….
कदम पर हमला डलवाई,
झूलन सब बिरज नारी आई,
कै झोटा दे जा सांवरिया, झूलन आजा सांवरिया……….
7. भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने…..
सर के ऊपर धरो री पालना,
वासुदेव ने राम मनाया,
देवकी से करी दो बात, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने…..
कड़क कड़क यह बिजली चमके,
वासुदेव का जियरा धड़के,
होने लगी बरसात, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने…..
जमुना जी का जल चढ़ा आया,
कृष्ण जी ने पैर बढ़ाया,
चरण लिए पुचकार, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने…..
नंद बाबा का घर ढूंढा है,
नहीं किसी को पता चला है,
वहां पड़ी यशोदा मात, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने…..
मेरे कृष्ण का रूप निराला,
मोर मुकुट वैजयंती माला,
त्रिलोकी का नाथ, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने…..
8
बरसाने में झूला पड़ गयो, झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो……
आयो सावन सखी मनभावनो, छाई हरियाली चाहूं ओर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो….
सखी बादल गरजत बिजुरी संग, ओ घन बरसत है घनघोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो….
कहे वन वन पड़यो हिंडोरना, कैसे पवन चले झकझोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो….
झोटा होले होले देवे सांवरा, झूले कुंवर किशोरी सिर मोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो….
झोटा देय सखिरी सब गाय रही, नाचे मोर पपिहा करे शोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो….
झूलत गल बैयां डाल के, वरुणेश निरख़ तिन्ही और,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो….
9
विनती सुनिए नाथ हमारी,
ह्रदय स्वर हरी ह्रदय बिहारी,
मोर मुकुट पीताम्बरधारी,
विनती सुनिए……….
जनम जनम की लगी लगन है,
साक्षी तारों भरा गगन है,
गिन गिन स्वास आस कहती है,
आएंगे श्री कृष्ण मुरारी,
विनती सुनिए……….
सतत प्रतीक्षा अप लक लोचन,
हे भव बाधा विपत्ति विमोचन,
स्वागत का अधिकार दीजिये,
शरणागत है नयन पुजारी,
विनती सुनिए……….
और कहूं क्या अन्तर्यामी,
तन मन धन प्राणो के स्वामी,
करुणाकर आकर ये कहिये,
स्वीकारी विनती स्वीकारी,
विनती सुनिए……….
10
तेरे रज रज दर्शन पावा इक वारि खोल अखियाँ,
खोल अखियाँ खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा…..
कोई ता कहंदा प्यारा दिल विच वसदा,
असली ठिकाना तेरा कोई भी न दसदा,
कोई भी न दसदा श्याम,
की करा के दर नु जावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा……
तेरे दर्श दी मैं हां दीवानी, अपना चरना दी दे जा निशानी,
दे जा निशानी श्यामा दे जा निशानी,
अखियाँ प्यासियाँ नु होर तरसा न,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा……….
तेरा दर्श पा के वारि वारि जावा,
श्याम नाम दी गंगा विच गोते पई लावा,
श्याम प्रेम दी ज्योत जगावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा……….
तेरे चरना च मैं रेन गुजारा,
तेरे दर्श बिना मैं चैन ना पावा,
अखा थक गईयाँ तक तक राहवा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा……..
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11
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी,
रोज अमृत वेले मैं दर्शन पावागी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी……..
उठ जाओ हुन भगतो श्री आरती ते जाना ए,
श्याम प्यारे दा सोहणा दर्शन पाना ए,
मैं वी उड के श्याम दा सोहणा दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी……..
श्याम दिया संगता जदों दर ते आनगीया,
अमृत भरा संगत जद लंगर खावनगीया,
संगता दिया चरणा दी,,
संगता दे चरणा दी धूल मथे उत्ते लावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी……..
रोज सवेरे मैं फूल तोड़ ले आवांगी,
श्याम जी दे चरणा विच आन चढावांगी,
हर वेले श्याम दा,,
हर वेले श्याम दा नित दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी……..
12.
जिहना पीते ने प्याले हरि नाम दे,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे……..
ए रंग चढ़ेया धन्ने भगत नू,
उन्हे पथरा चो श्याम नू पाया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे……..
ए रंग चढ़ेया मीरा बाई नू,
उन्हे जहरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे……..
ए रंग चढ़ेया भीलनी माई नू,
उन्हे बेरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे……..
ए रंग चढ़ेया द्रौपता माई नू,
उन्हा साड़िया चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे……..
13
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल,
हारावाले मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल……..
सोहणा सोहणा मुखड़ा ते सोहणी है चाल जी,
बाल घुंघराले ते सिर ते मुकुट कमाल जी,
रूप तेरा सोहणा ते गल विच हार,
दर्शन देके करदे निहाल,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल……..
श्याम प्यारे दी लीला बड़ी प्यारी ए,
गरीबा नू राज बक्शे लीला एहदी न्यारी ए,
अर्शा तो देवता भी करन सत्कार,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल……..
दिल च उमंग श्याम मिले तेरा संग जी,
तेरे बिन प्रभु मेरा लगदा ना मन जी,
सानू वी ले चल वृन्दावन धाम,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल……..
14
आये सपने में बांके बिहारी,
ना होश मेरी होश में रही,
जाऊं सपने में उनको निहारी,
इसीलिए खामोश मैं रही,
आये सपने में………
झूम झूम मैं तो बस नाचती रही,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
नज़रो से बातें मैं करती गई,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
संग खेल मेरे रंगो की होली,
कि सखी मेरी रात हो गई,
आये सपने में……..
आँखों में काजल हाथो में बंसी,
मुकुट पे मोरपंख गालों पे लाली,
देख प्यारी मुस्कान मैं तो बोली,
की श्याम की दीवानी हो गई,
आये सपने में……..
सारी रात वृन्दावन घूमती रही,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
बंसी जो बजाई ऐसी मुरली वाले ने,
मैं नाच नाच नाच बस नाचती गई,
ऐसी देख के लगन मेरी श्याम से,
किशोरी भी हैरान हो गई,
आये सपने में…….
15
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
प्रभु नाम के मोती,
महिमा राम नाम की होती,
मन हो जाये मतवाला..
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला…
जिसकी कृपा से रत्नाकर भी,
रामायण लिख जावें,
जिसकी कृपा से नयनहीन भी,
सूर श्याम कहलाये,
मीरा जोगन हो जावे,
गिरधर के रंग रंगाये,
पीये दीवानी विष प्याला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला…….
धूप दीप अर्चन साधन न,
जोग कोई बतलाये,
चरण शरण ही जा बैठे,
और भव सागर तर जाए,
काशी काबा न जाए,
चाहे गंगा न नहाये,
बस राम की फेरे माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला……
जनम जनम के इस चक्कर से,
खुद को आज बचा ले,
राम नाम का हो जा प्राणी,
राम नाम अपना ले,
अरे बन जा सवाली,
भर ले झोली तू खाली,
सारे जग का वो रखवाला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला……
16
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा……
इस बांके का सब कुछ बांका,
इस बांके का सब कुछ बांका,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा…..
बांके है नन्द बाबा और यशुमति,
बांकी घडी जमने है बिहारी,
बांके कन्हैया के बांके है भ्रात,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
बांकी मिली दुलहन जगवंदन,
और बांके गोपाल के बांके पुजारी,
भक्तन दर्शन देन के कारण,
झांके झरोखा में बांके बिहारी,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा….
बांकी पागचंद्रिका तापर,
और बांका तुर्रा ररक रहा है,
गरसिरपेच माल और बांकी,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके नैन सेन सर बांके,
बेन बिनोद महा है,
बांके की बांकी झांकी कर,
बाकी रहयो कहा है,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा…….
ये टेड़े सो प्रसन्न, टेडी बातन सो अति प्रसन,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे के,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे केm
हम सो टेंडाई भूल मत करियो कोई,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा…….
टेड़े टिपारे कटारे किरीट की,
मांग की पाग की धारि की जय जय,
कुंडल जाये कपोलन पे,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
राजेश्वरी दिन रात रटो,
यही मोहन की बनवारी की जय जय,
प्रेम ते बोलो जी बोलत डोलो,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा…………
17
तू राधे राधे गाले,
और झूम ले मस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में…….
दीवानो आ के देखो,
क्या धूम मच रही है,
राधा के नाम की अब,
ये धारा बह रही है,
आ झूम झूम के अब,
ये कहते है मस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में…….
श्यामा के दर पे आके,
कोई ना जाए खाली,
करके कृपा किशोरी,
भर देगी झोली खाली,
तुझको सुकुन मिलेगा,
श्री राधे की मस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में……
एक बार हाथ थामो,
ब्रज स्वामीनी हमारा,
कितने गुनाह किए है,
गुनेहगार हूँ तुम्हारा,
करके कृपा उठा लो,
आया तेरी बस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में…….
18
तर्ज – सांवली सूरत पे मोहन
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं…….
बांकी छवि बांकी अदा,
बांकी हंसी बांका चलन,
रूबरू बांका नज़ारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं………..
एक सूरत आपकी,
और दीवाना सारा जहां,
हाल जो होगा हमारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं………
मेरी आँखों में कटीली,
अपनी आँखे डालकर,
जो किया तुमने इशारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं………
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं………
19
मदन गोपाल शरण तेरी आयो,
चरण कमल की सेवा दीजै,
चेरो करि राखो घर जायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों….
धनि-धनि मात पिता सुत बन्धु,
धनि जननी जिन गोद खिलायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों…..
जे नर बिमुख भये गोविन्द सों,
जनम अनेक महा दुःख पायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों…….
श्री भट्ट के प्रभु दियो अभय पद,
यम डरप्यो जब दास कहायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों……..
मदन गोपाल शरण तेरी आयो,
चरण कमल की सेवा दीजै,
चेरो करि राखो घर जायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों……
20
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी…..
जो कान्हा मेरो गाँव ना जानों,
ऊँचो बरसानों बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी…..
जो कान्हा मेरो घर नहीं जानों,
ऊँची हवेली बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी…..
मेरे अँगना में तुलसी को बिरवा,
तुलसी को बिरवा बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी…..
जो कान्हा मेरो नाम ना जानों,
राधा रंगीली बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी…..
21
वो हटा रहे है परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके
में नजारा कर रहा हूँ,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके…….
ये झुकी झुकी निगाहें,
ये हसी हसी इशारे,
मुझे दे रहे है शायद,
मुझे दे रहे है शायद,
वो पयाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके…….
ना दिखाओ चलते चलते,
यूँ कदम कदम पे शोखी,
कोई क़त्ल हो रहा है,
कोई क़त्ल हो रहा है,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके……….
कभी शोख़िया दिखाना,
कभी उनका मुस्कुराना,
ये अदाएं कर ना डाले,
ये अदाएं कर ना डाले,
मेरा काम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके…….
ये जो हिचकिया मुसलसल,
मुझे आ रही है आलम,
कोई ले रहा है शायद,
कोई ले रहा है शायद,
मेरा नाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके………
22
घनश्याम तुम्हारे मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ,
वाणी में तनिक मिठास नहीं,
पर विनय सुनाने आई हूँ…..
मैं देखूं अपने कर्मो को,
फिर दया को तेरी करूणा को,
ठुकराई हुई मैं दुनिया से,
तेरा दर खटकाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ……..
प्रभु का चरणामृत लेने को,
है पास मेरे कोई पात्र नहीं,
आँखों के दोनों प्यालों में,
मैं भीख मांगने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ……..
तेरी आस है श्याम निवाणीअणु,
तेरी शान है बिगड़ी बना देना,
तुम स्वामी हो मैं दासी हूँ,
संबंध बढ़ाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ…..
समझी थी मैं जिन्हें अपना,
सब हो गए आज बेगाने है,
सारी दुनिया को तज के प्रभु,
तुझे अपना बनाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ………
23
करूणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार…….
जय मंजुल कुंजीन कुंजन की,
रस कुंज विचित्र समाज की जय जय,
यमुना तट बंसीवट की,
गिरिजेश्वर की गिरिराज की जय जय,
ब्रज गोपियन गोप कुमारन की,
विपिणेश्वर के सुख साज़ की जय जय,
ब्रज के सब संतन की,
ब्रज मंडल की ब्रज राज की जय जय,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार…….
रंग प्रेम भरा बरसा करके,
बरसो की वियोग व्यथा हर ले,
मन मेरा मयूर सा नाच उठे,
कुछ भावना भाव नया भरदे,
कुछ भावना भाव नया भरदे,
जलती इस छाती की ज्वाला मिटे,
अपना पद कंज ज़रा धर दे,
हस दे हस दे दृग फेर अगर,
नट नागर नेक कृपा करदे,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार…….
नही चित्र लखा ना चरित्र सुना,
वह सुंदर श्याम को जाने ही क्या,
मन में है बसा मन मोहन जो,
वे ठान किसी पर ठाने ही क्या,
जिस बंदर ने ईमली ही चखी,
वो स्वाद सुधा पहचाने ही क्या,
जिसने हरी प्रेम किया ही नही,
वह प्रेम की आहो को जाने ही क्या,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार…….
24
जय जय राधा रमण हरी बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
मन तेरा बोले राधेकृष्णा,
तन तेरा बोले राधेकृष्णा,
जिव्हा तेरी बोले राधेकृष्णा,
मुख से निकले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
पलकें तेरी बोले राधेकृष्णा,
अलके तेरी बोले राधेकृष्णा,
आँखे तेरी बोले राधेकृष्णा,
साँसे तेरी बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
धड़कन बोले राधेकृष्णा,
तड़पन बोले राधेकृष्णा,
अंतर बोले राधेकृष्णा,
रोम रोम बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
पंछी बोले राधेकृष्णा,
भंवरे बोले राधेकृष्णा,
बंशी बोले राधेकृष्णा,
वीणा बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
वृन्दावन में राधेकृष्णा,
बरसाने में राधेकृष्णा,
गोवर्धन में राधेकृष्णा,
नंदगांव में राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
मुनिजन बोले राधेकृष्णा,
गुरुजन बोले राधेकृष्णा,
हम सब बोले राधेकृष्णा,
सब जग बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
जय जय राधा रमण हरी बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
25
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जाने क्या जादू भरा हुआ,
भगवान तुम्हारी गीता में,
मन चमन हमारा हरा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ……
गीता ग्रंथो से न्यारी है,
श्रुति जुगति अनुभवकारी है,
गीता ग्रंथो से न्यारी है,
श्रुति जुगति अनुभवकारी है,
युग युग का अनुभव जुड़ा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ……
जब शोक मोह से घिर जाते,
तब गीता वचन हृदय लाते,
जब शोक मोह से घिर जाते,
तब गीता वचन हृदय लाते,
कल्याण खजाना भरा हुआ,
श्री कृष्ण तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ…..
गीता संतो का जीवन है,
गंगा के सम अति पावन है,
शरणागति अमृत भरा हुआ,
भगवान तुम्हारी गीता में,
विज्ञान ज्ञान रस भरा हुआ,
श्री कृष्ण तुम्हारी गीता में,
हरी प्रेम लबालब भरा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ……….
26
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
कृष्णा चरण तज जाऊ कहा मे
कृष्णा चरण तज जाऊ कहा मे
वो तो चारो धाम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
ऋषीमुनी संत सनातन पूजन
ऋषीमुनी संत सनातन पूजन
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
27
तर्ज – ये तो प्रेम की बात है
अपने लाला की सुन लो शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है,
वो जो देता है दर्द ये दिल को,
वो दिखाने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है……
मैया पहली शिकायत हमारी,
पनघट पे मिले थे मुरारी,
या ने तोड़ी गगरिया हमारी,
जल भरने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है………
मैया दूसरी शिकायत हमारी,
गलियों में मिले थे मुरारी,
वा ने फाड़ी चुनरिया हमारी,
ओढ़ने के जो काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है…….
मैया तीसरी शिकायत हमारी,
महलों में मिले थे मुरारी,
या ने तोड़ी नथनिया हमारी,
मुंह दिखाने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है……..
मेरे लाला को प्यार सु बुलाती,
माखन मिश्री का भोग लगाती,
ये तो प्राणो से प्यारा कन्हैया,
ये शिकायत के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है………
28
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा,
जीवन का है आधारा,
जीने का है सहारा……..
हे करुणा करने वाले,
मेरी लाज रखने वाले,
तेरे ही दर से मिलता,
हर दीन को सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा…..
तेरी आस्ता के सदके,
तेरी हर गली पे कुरबां,
तेरा दर है दर हकीक़त,
मेरी जीस्त का सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा…..
तेरे प्यार की हदो को,
बस तू ही जानता है,
तुम आ गए वहीँ पे,
मैंने जहाँ पुकारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा…..
क्यों ढूंढते फिरे हम,
तूफानों में सहारा,
तेरे हाथ में ही लहरे,
तेरे हाथ में किनारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा…..
मुझे बेकरार रख कर,
मेरे दिल में बसने वाले,
जो यही है तेरी मर्ज़ी,
तेरा विरह भी है प्यारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा…….
29
तर्ज – मिलती है जिन्दगी में
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया……
जिसने कभी भी आज तक,
सजदा नहीं किया,
उसको कृपा ने आपकी,
झुकना सिखा दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया…..
रहते हो दिल जिगर में,
आँखों में हर घड़ी,
मस्ती का जाम आपने,
ऐसा पिला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया……..
दुनिया की चमक देखकर,
भटका हुआ था मैं,
मुझको दया ने आपके,
चरणों में ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया…….
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया………
30
मेरे कृष्ण मुरारी आ देर ना कर गिरधारी आ……
भक्त प्रह्लाद ने तुम्हें पुकारा,
हिरणाकुश को पल में मारा,
शबरी क़े प्रभु मान रखे थे,
झूठे झूठे बेर थे चखें थे,
मेरी सूध आजा ले जा,
देर न कर गिरधारी…..
अभिलाषा जो ध्रुव ने किन्ही,
उच्चसन प्रभु तुमने दिनी,
नार अहिल्या तुमने तारी,
जय हो जय हो कृष्ण मुरारी,
आजा रे अब आजा आ,
देर ना कर गिरधारी…..
द्रुपद सुता ने तुम्हें बुलाया,
तुमने आकर जी चीर बढ़ाया,
दूर करो सब कष्ट हमारे,
जय हो मां यशोदा के प्यारे,
आजा रे अब आजा आ…..
31
मुरली बजाते हो पीछे पीछे आते हो,
नैनो से नैना मिला के मुस्कुराते हो,
ओ राधा रेड रेड गजरा लगा के,
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो…..
छलियाँ है छलियाँ मैं तो जानू तुझको,
ब्रिज में अनोखी सब से लागे तू मुझको,
ओ राधा रेड रेड बिंदियाँ लगा के
तुम जब आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो……
होशयारी मुझसे न चलेगी ज्यादा,
तेरे बिन ओ राधा तेरा श्याम है आधा,
हो राधा रेड रेड मेहँदी लगा के
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो……
झूठी बड़ाई करना आदत है तेरी,
चाहूँ तुझे तो ही, तू ही है चाहत मेरी,
सत्य रजनीश हर्षित हो,
तेरा रास रचाती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो…….
32
नखरालो साँवरियो,
राधा पर जादू कर ग्यो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो……
गौरी गौरी राधे रानी,
सांवरियो है कारो,
कारे ने गोरी पे देखो,
कैसो जादू डारो,
कारो कारो साँवरियो,
राधा पर कामण कर गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो……
इत् ठाड़े श्री कृष्ण कन्हैया,
उत वृषभानु दुलारी,
बोल रही कान्हाँ से राधा,
मत मारो पिचकारी,
रंग रसियो साँवरियो,
राधा के रंग रच गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो……
वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में,
शोर मच्यों है भारी,
संजू राधा के हिवड़े में,
बस गए श्याम बिहारी,
मन बसियो साँवरियो,
राधा के मन बस गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो……
33
जीवन बन जाएगा, जीवन बन जाएगा,
मोरछड़ी का झाड़ा जब तुम्हें, श्याम लगाएगा,
जीवन बन जाएगा, जीवन बन जाएगा…….
ये अपने भक्तों के भाग्य जगाता है,
यह हारे हुए को श्याम गले लगाता है,
जिसकी बीच भंवर हो नैया पार लगाएगा,
मोरछड़ी का झाड़ा जब तुम्हें श्याम लगाएगा,
जीवन बन जाएगा, जीवन बन जाएगा…….
यह अपने भक्तों के दुख मिटाता है,
यह मोरछड़ी से श्याम गले लगाता है,
इस झाड़े से प्रेम का रोग ये तुम्हें लगाएगा,
मोरछड़ी का झाड़ा जब तुम्हें श्याम लगाएगा,
जीवन बन जाएगा, जीवन बन जाएगा…….
इसकी शक्ति को हमने जाना है,
इसके झाड़े को भक्तों ने माना है,
नेहा श्याम प्रेमी है जो मौज उड़ाएगा,
जीवन बन जाएगा, जीवन बन जाएगा…….
34
तर्ज – तेरे चेहरे में वो जादू है
तेरी मुरली में वो जादू है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मूरली में वो जादू है……..
तेरी बांस की मुरली तो,
रिझाती हम सब भक्तो को,
दीवाना ये कर जाती है,
सबमे प्यार ही प्यार जगाए…….
तू तो एक तरंग डाले,
जी उठे मरने वाले,
तेरे दरश के मतवाले,
दिल में जीने की आस बढाए,
चल पड़ते है तेरे पास कदम,
मैं रोक नहीं पाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है……..
श्याम तेरे भगत दीवाने है,
तेरे सब चाहने वाले है,
तेरे बिन जीवन सूना है,
इस जीवन की प्यास बुझा दे….
तू जो सच्चा जानी है,
तुझसे आस पुरानी है,
मेरे जीवन की नैया को,
पल में भव से पार लगा दे,
मिलना तुमसे मुश्किल ही सही,
मिलने को मचल जाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है……..
जब से तुझको देखा है,
‘संजू घनश्याम’ दिवाना है,
दीवाना दिल ये कहता है,
मेरी खुशियों का तू है खजाना,
जगा के प्यार तू हर दिल में…..
कर दे कमी सभी पूरी,
तुझसे थोड़ी भी दुरी,
‘निरंजन’ करती है ये दीवाना,
पाना तुझको मुश्किल ही सही,
पाने को मचल जाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है……..
35
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे….
वृंदावन ब्रज की राजधानी,
यहाँ बसे ठाकुर ठकुरानी,
मधुर मिलन की साक्षी देते,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
पूण्य प्रेम रस में आत्मा भिगोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो……..
कृष्ण राधिका एक है,
इनमे अंतर नाही,
राधे को आराध लो,
कृष्णा तभी मिल जाए,
प्रथक प्रथक कभी इनको ना तोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो……..
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे……..
36
मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे,
मेरे साथ रहे, मेरे साथ रहे,
वृन्दावन वाले तू हमेशा मेरे साथ रहें…..
मैं तो जन्मो से तेरा दीवाना हु,
तेरी किरपा से मैं अनजाना हु,
मेरी झोली में ये तेरी सौगात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे…….
तेरी किरपा जप मुझपे हो जायेगी,
मेरी करनी को श्याम ये जायेगी,
तेरे छोटे से दीवाने की ये बात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे…….
मेरी मुश्किल का हल हो जायेगा,
मेरा जीवन सफल हो जायेगा,
हर्ष अपनी यु होती मुलाकात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे…….
37
जय माधव मदन मुरारी,
बनवारी श्याम बनवारी……
तेरी मस्तक मुकुट विराजे,
और मोर पंख भीन साजे,
केशों की छटा है न्यारी,
जय माधव मदन मुरारी……
कानों में कुंडल सोहे,
माथे पर चंदन मोहे,
तेरी आंखें हैं कजरारी,
जय माधव मदन मुरारी…..
होठों पर लाली लाल लगी,
और मुरली तेरे हाथ सजी,
तूने काली कमरिया डारी,
जय माधव मदन मुरारी……
38
ना मैं चूनरी रंगी है ना मैं चोला रंगया,
ओ रंगण वाले ने रंगीला मेरा मन रंगया….
ना मैं धीया मंगिया ना मैं पुत्र मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी………
ना मैं हीरा मंगया ना मैं मोती मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी………
ना मैं महल मंगया ना मैं मोरिया मगियां,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी……….
ना मैं अन मंगया ना मैं धन मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी……….
39
मै तुर जाना माये नी हारा वाले दे नाल,
हारा वाले दे नाल कुंडला वाले दे नाल,
मै तुर जाना माये……
नी सुन मेरिये माये पीड़ कलेजे होवे,
आपे देंदा पीड़ा नी आपे लेंदा संभाल,
मै तुर जाना माये……
नी सुन मेरिये माये राता नू नींद ना आवे,
कन्नी सुन्दे माये नी ओहदी मुरली कमाल,
मै तुर जाना माये……
नी सुन मेरिये माये प्रीत श्याम नाल पाई,
लूट के ले गयी माये नी इसदे मुखड़े दी शान,
मै तुर जाना माये……
नी सुन मेरिये माये पीला पीताम्बर सोहे,
घायल कर गई माये नी इसदी मोरा जही चाल,
मै तुर जाना माये……
40
एकेली खड़ी रे मीरा बाई एकेली खड़ी,
मोहन आवो तो सरी,
गिरधर आवो तो सरी,
माधव रा मंदिर में,
मीरा बाई एकेली खड़ी…….
थे कहो तो सांवरा मैं,
मोर मुकुट बन जाऊँ,
पेरण लागो साँवरो रे,
मस्तक पर रम जाऊँ,
वाके मस्तक पर रम जाऊँ,
मोहन आवो तो सरी,
गिरधर आवो तो सरी,
माधव रा मंदिर में,
मीरा बाई एकेली खड़ी…….
थे कहो तो सांवरा मैं,
काजलियो बन जाऊँ,
नैन लगावे साँवरो रे,
नैणा में रम जाऊँ,
वाके नैणा में रम जाऊँ,
मोहन आवो तो सरी,
गिरधर आवो तो सरी,
माधव रा मंदिर में,
मीरा बाई एकेली खड़ी…….
थे कहो तो सांवरा मैं,
जल जमुना बन जाऊँ,
नाहवण लागो साँवरो रे,
अंग अंग रम जाऊँ,
वाके अंग अंग रम जाऊँ,
मोहन आवो तो सरी,
गिरधर आवो तो सरी,
माधव रा मंदिर में,
मीरा बाई एकेली खड़ी…….
थे कहो तो सांवरा मैं,
पुष्प हार बन जाऊँ,
कंठ में पहरे साँवरो रे,
हिवड़ा में रम जाऊँ,
वाके हिवड़ा में रम जाऊँ,
मोहन आवो तो सरी,
गिरधर आवो तो सरी,
माधव रा मंदिर में,
मीरा बाई एकेली खड़ी…….
थे कहो तो सांवरा मैं,
पग पायल बन जाऊँ,
नाचण लागो साँवरो रे,
चरणा में रम जाऊँ,
वाके चरणा में रम जाऊँ,
मोहन आवो तो सरी,
गिरधर आवो तो सरी,
माधव रा मंदिर में,
मीरा बाई एकेली खड़ी…….
41
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे…….
मै ही तोहे देखुं सांवरियां,
देखे ना कोई दुजी नज़रिया,
मै ही तो हूँ तेरी बावरीया,
मै ही सुनु बस तेरी बांसुरियॉं,बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया कोई मुरली की तन सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे………..
गोकुल ढूँढा तुझे मथुरा मे ढूँढा,
छोड़ी ना कोई ऐसी नगरिया,
बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे…….
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे…….
42
उठ के सवेरे जेहड़े सोहने दर्शन पावदे,
मंगिया मुरादा हारा वाले कोलो पावदे….
श्याम दे द्वारे उत्ते डेरा जिहने ला लया,
जीवन ओहना ने अपना सफल बना लया,
गुण उस आदमी दे देवता वी गाणगे,
मंगिया मुरादा हारा वाले कोलो पाणगे,
उठ के सवेरे जेहड़े……
सौंप दिति जिंद जिहने सतगुरू प्यारे नू,
अपना बना लया जिहने हारा वाले नू,
श्याम दे सोणे सोणे दर्शन पानगे,
मंगिया मुरादा हारा वाले कोलो पाणगे,
उठ के सवेरे जेहड़े……
वृन्दावन आन वेले कदे वी ना रुकदे,
प्रेम वाले लगे बूटे कदे वी ना सुकदे,
चककर चौरासी वाले आपे कट जानगे,
मंगिया मुरादा हारा वाले कोलो पाणगे,
उठ के सवेरे जेहड़े……
43
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की,
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला,
श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद, नंदलाला,
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली,
रतन में ठाढ़े बनमाली;
भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चंद्र सी झलक;
ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की……
कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं,
गगन सों सुमन रासि बरसै;
बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग, ग्वालिन संग;
अतुल रति गोप कुमारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की……
जहां से प्रकट भई गंगा, कलुष कलि हारिणि श्रीगंगा,
स्मरण से होत मोह भंगा;
बसी शिव सीस, जटा के बीच, हरै अघ कीच;
चरन छवि श्रीबनवारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की……
चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू,
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू;
हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद;
टेर सुन दीन भिखारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की……
44
तर्ज – बना रे बागा में झूला घाल्या
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या रे,
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या,
बागा में, बागा में,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..
कान्हा रे मोर पपैया बोले,
कान्हा रे मोर पपैया बोले,
काना में, काना में,
काना में मिश्री घोले म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..
कान्हा रे हरियाली मन भावे,
कान्हा रे हरियाली मन भावे,
हिवड़ा में, हिवड़ा में,
हिवड़ा में निरत जगावे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..
कान्हा रे रिमझिम सावन बरसे,
कान्हा रे रिमझिम सावन बरसे,
मिलवाने, मिलवाने,
मिलवाने मनड़ो तरसे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..
कान्हा रे भक्त तेरे सब गावे सुनावे,
कान्हा रे भक्त तेरे सब गावे सुनावे,
चरणा में, चरणा में,
चरणा में शीश नमावे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..
कान्हा रे बंसी मधुर बजावे,
कान्हा रे बंसी मधुर बजावे,
थोड़ो सो, थोड़ो सो,
थोड़ो सो नाच दिखा दे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना…..
45
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे…..
राधा कृष्ण की छबि निहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे….
बड़ा नटखट है रे ब्रज गोपाला,
काली दाह में नाग नाथे,
यशोदा का लाला,
दरश को तेरे अंखिया प्यासी,
जन्मो जनम से राधा श्याम की दासी,
साँस चले तुमरे सहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे……
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
राधा कृष्ण की छबि निहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे……
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे……
46
तेरी उमरां दी खैर मनावां के दिल विच तूं वसदा,
तेरा पल पल शुक्र मनावां के दिल विच तूं वसदा……
प्यार तेरे ने साडी दुनिया भुलाई,
तेरे वाजो श्याम साडी किते ना सुनाई,
तेरे चरणां दे नाल लग जामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर……
चंन जेहे मुखड़े तो वारी वारी जादी आं,
खैरां मंगा तेरियां मैं ऐहो कुछ चाहनी आं,
तेरे चरणां च मर मिट जामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर……
प्यारी-प्यारी अंखियां च तूं ही समाया है,
जेहड़े पासे देखां मैनु तूं ही नज़र आया है,
हर वेले तेरा दर्शन पामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर……
47
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी,
ओ कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी…….
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
आहा माखन मिशरी खाए जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी……
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
आहा ठंडा पानी पी जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी……
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
आहा काली कंबलिया ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी……
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी
आहा मोर का पंखा ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी……
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी
आहा मखमली गद्दे पे सो जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी……
48
तुमने ठुकराया कान्हा तो कहां पर जाऊंगा,
नाम ले लेकर तेरा मर जाऊंगा,
तुमने ठुकराया कान्हा तो कहां पर जाऊंगा…..
हे दयामय कर दया की भीख दो,
हाथ किसके दर पे जा फैलाऊंगा,
नाम ले लेकर तेरा मर जाऊंगा……
जिंदगी पापो में सारी कट गई,
किस तरह मुंह आपको दिखलाऊंगा,
नाम ले लेकर तेरा मर जाऊंगा……
मुझको ना तारो मुझे दो कुछ सजा,
पापियों में नाम मैं कर जाऊंगा,
नाम ले लेकर तेरा मर जाऊंगा……
हे श्यामा मेरी खता सब माफ कर,
उम्र सारी गीत तेरे गाऊंगा,
नाम ले लेकर तेरा मर जाऊंगा……
डॉ सजन सोलंकी
49
ज़रा इतना बता दे कान्हा, तेरा रंग काला क्यों,
तू काला होकर भी जग से निराला क्यों…..
मैंने काली रात को जन्म लिया,
और काली गाय का दूध पीया,
मेरी कमली भी काली है,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी रोज़ ही घर में बुलाती है,
और माखन बहुत खिलाती है,
सखिओं का दिल काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
मैंने काली नाग पर नाच किया,
और काली नाग को नाथ लिया,
नागों का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सावन में बिजली कड़कती है,
बादल भी बहुत बरसतें है,
बादल का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी नयनों में कजरा लगाती है,
और नयनों में मुझे बिठाती है,
कजरे का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
50
मधुबन में झूला झूल रहे, राधेश्याम मदन मुरारी,
राधे श्याम मदन मुरारी राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे…..
मोर मुकुट कानों में कुंडल,
रूप निहारत सब ब्रजमंडल,
दर्शन कर सुद्ध बुद्ध भूल रहे, राधे संग कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे…..
खड़ा मनसुखा लेकर सोटा,
सखियां दे रही लंबे झोटा,
अंबर में बादल झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे…..
कूक रही है कोयल काली,
लता पता छाई हरियाली,
बागों में कलियां महक रही, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे…..
प्रेमी ब्रिज लागे मनभावन,
रिमझिम रिमझिम बरसे सावन,
सब गोपी ग्वाला झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे…..
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